भगवा रक्षा परिषद का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा पहुँचाना है। परिषद शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, धर्म-संरक्षण, गौ-रक्षा, आपदा राहत और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सतत प्रयासरत है।
हमारा विश्वास है कि सशक्त समाज का निर्माण सेवा, संस्कार और संगठन से होता है। युवाओं को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ना, सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा जरूरतमंदों को सहयोग प्रदान करना हमारे कार्यों की मूल भावना है।
यदि आप भी राष्ट्र और समाज सेवा के इस संकल्प का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो भगवा रक्षा परिषद के साथ जुड़कर अपने दायित्व का निर्वहन करें।
भगवा रक्षा परिषद एक राष्ट्रवादी और सामाजिक संगठन है, जो सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय मूल्यों और समाज सेवा के संकल्प के साथ कार्य करता है। परिषद का उद्देश्य सेवा, संस्कार और संगठन के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना है।
हम धर्म-संरक्षण, सामाजिक जागरूकता, गौ-सेवा, आपदा राहत, तथा जरूरतमंदों की सहायता जैसे क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय हैं। युवाओं को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ना हमारे कार्यों की आत्मा है।
परिषद के माध्यम से प्राप्त सहयोग का अधिकांश भाग सीधे सेवा और जनकल्याण कार्यों में लगाया जाता है।
राष्ट्र और समाज सेवा के कार्यों में अपना योगदान देकर सकारात्मक परिवर्तन का हिस्सा बनें।
सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी कर राष्ट्रनिर्माण के अभियान से जुड़ें।
जरूरतमंदों, बच्चों और वंचित वर्गों के जीवन में आशा और सुरक्षा प्रदान करें।
भगवा रक्षा परिषद के साथ जुड़कर समाज और संस्कृति की रक्षा में अपना योगदान दें।
हिंदू स्वयंसेवक
गौ सेवा कार्य
मठ–मंदिर सेवा
संस्कारित बच्चे
भगवा रक्षा परिषद के साथ मिलकर समाज और संस्कृति की रक्षा करें
सनातन धर्म, हिंदू समाज और राष्ट्र के हित में सेवा, संस्कार और संगठन
हिंदू समाज के जरूरतमंद वर्गों को आश्रय, भोजन और मूलभूत सुविधाएँ प्रदान कर मानव सेवा को ही धर्म सेवा मानना।
बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ हिंदू संस्कार, नैतिक मूल्य और सांस्कृतिक चेतना से जोड़कर सशक्त नागरिक बनाना।
समाज के वंचित वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएँ, जागरूकता अभियान और आपातकालीन सहायता पहुँचाना।
गौ माता और अन्य पशुओं की रक्षा, सेवा और संरक्षण के माध्यम से करुणा एवं धर्म की भावना को जीवित रखना।
हिंदू समाज के निर्धन और जरूरतमंद परिवारों तक भोजन पहुँचाकर भूखमुक्त समाज की दिशा में कार्य।
वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियानों के माध्यम से प्रकृति को धर्म का अभिन्न अंग मानकर संरक्षण।
सनातन धर्म, हिंदू परंपराओं, त्योहारों और मूल्यों का प्रचार–प्रसार कर समाज में धार्मिक चेतना जागृत करना।
हिंदू समाज को संगठित करना, युवाओं को जागरूक करना और समाजहित के कार्यों में सक्रिय सहभागिता बढ़ाना।
प्राकृतिक आपदा, संकट या आपात स्थिति में हिंदू समाज और नागरिकों की त्वरित सहायता करना।